स्वास्थ्य

कदाचार पर जीरो टॉलरेंस : 668 परीक्षार्थियों के लिए 60 वीक्षक और CCTV निगरानी

मेदिनीनगर (पलामू): आगामी मैट्रिक और इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षाओं के सफल एवं निष्पक्ष संचालन को लेकर एमके डीएवी पब्लिक स्कूल, पलामू ने अपनी सभी तैयारियां मुकम्मल कर ली हैं। परीक्षा केंद्र पर सुरक्षा, पारदर्शिता और अनुशासन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। सिटी कोऑर्डिनेटर सह केंद्र अधीक्षक श्रीमती इंद्राणी चटर्जी ने व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों एवं वीक्षकों को कड़े निर्देश जारी किए हैं।श्रीमती चटर्जी ने जानकारी दी कि इस वर्ष एमके डीएवी परीक्षा केंद्र पर कुल 668 परीक्षार्थी बोर्ड परीक्षा में शामिल होंगे। इनमें कक्षा 10वीं (मैट्रिक) के 521 विद्यार्थी तथा कक्षा 12वीं (इंटरमीडिएट) के 147 विद्यार्थी परीक्षा देंगे। परीक्षा संचालन को सुचारू एवं पारदर्शी बनाए रखने के लिए प्रतिदिन 60 अनुभवी वीक्षक अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।एमके डीएवी केंद्र पर पलामू के कई नामी-गिरामी विद्यालयों के विद्यार्थी परीक्षा में शामिल होंगे। इनमें रोटरी आनंद शंकर विद्यालय, जवाहर नवोदय विद्यालय, ऑक्सफोर्ड पब्लिक स्कूल, केंद्रीय विद्यालय पलामू तथा ब्राइट लैंड स्कूल के विद्यार्थी शामिल हैं।इसके अतिरिक्त पलामू एवं गढ़वा जिले के अन्य विद्यालय जैसे आदित्य बिड़ला पब्लिक स्कूल, वी. पांडेय मेमोरियल स्कूल, हेरिटेज इंटरनेशनल स्कूल, जेएनवी जपला, डीएवी पब्लिक स्कूल गढ़वा, सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, बीएनटी सेंट मैरी स्कूल एवं बीपी डीएवी स्कूल भी एमके डीएवी क्लस्टर के समन्वय में कार्य कर रहे हैं।परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए केंद्र अधीक्षक ने स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं। परीक्षा हॉल में मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच, ब्लूटूथ डिवाइस अथवा किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। किसी भी परीक्षार्थी को इलेक्ट्रॉनिक उपकरण के साथ प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी।सभी विद्यार्थियों को परीक्षा प्रारंभ होने से कम से कम 45 मिनट पूर्व केंद्र पर पहुंचना अनिवार्य होगा। मुख्य द्वार पर सघन जांच के बाद ही प्रवेश दिया जाएगा। संपूर्ण परीक्षा परिसर सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में रहेगा। 60 वीक्षकों के साथ-साथ विशेष उड़नदस्ता टीम भी लगातार निरीक्षण करेगी।श्रीमती चटर्जी ने जानकारी देते हुए बताया कि वर्ष 2026 से शिक्षा विभाग ने छात्र-हित और मूल्यांकन प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से दो महत्वपूर्ण बदलाव लागू किए हैं।पहला बदलाव कक्षा 10वीं के परीक्षा पैटर्न में किया गया है। अब विज्ञान और सामाजिक विज्ञान जैसे एकीकृत विषयों में उत्तर स्पष्ट रूप से अलग-अलग सेक्शन में लिखना अनिवार्य होगा। विज्ञान विषय में भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान एवं जीव विज्ञान के उत्तर पृथक-पृथक भागों में देने होंगे। इसी प्रकार सामाजिक विज्ञान में इतिहास, भूगोल, नागरिक शास्त्र एवं अर्थशास्त्र के उत्तर अलग-अलग विभाजन में लिखना आवश्यक होगा।दूसरा बड़ा बदलाव कक्षा 12वीं के मूल्यांकन से संबंधित है। अब इंटरमीडिएट के छात्रों की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन पारंपरिक पद्धति के स्थान पर ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम के माध्यम से किया जाएगा। परीक्षार्थियों की उत्तर पुस्तिकाओं को स्कैन कर डिजिटल रूप में परिवर्तित किया जाएगा, जिसके बाद मूल्यांकन ऑनलाइन किया जाएगा। इससे अंक जोड़ने में त्रुटियों की संभावना समाप्त होगी तथा परिणाम अधिक सटीक एवं शीघ्र घोषित किए जा सकेंगे।केंद्र अधीक्षक श्रीमती इंद्राणी चटर्जी ने कहा, “हमारा उद्देश्य विद्यार्थियों को एक तनावमुक्त, पारदर्शी, भयमुक्त और कदाचार रहित वातावरण प्रदान करना है। 521 मैट्रिक एवं 147 इंटर परीक्षार्थियों के लिए बैठने की सुव्यवस्थित व्यवस्था, पेयजल, स्वच्छ शौचालय एवं अन्य आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित कर ली गई हैं। विद्यालय परिवार पूरी निष्ठा एवं जिम्मेदारी के साथ परीक्षा संपन्न कराने के लिए प्रतिबद्ध है।एमके डीएवी पब्लिक स्कूल प्रशासन द्वारा की गई व्यापक तैयारियां यह दर्शाती हैं कि परीक्षा को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जाएगी। सुरक्षा, अनुशासन और पारदर्शिता के साथ इस वर्ष की बोर्ड परीक्षा संपन्न कराने के लिए विद्यालय पूरी तरह सजग है।

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