काउंटिंग से पहले पुलिस की सख्ती, स्ट्रांग रूम में दोहरी और मतगणना दिवस पर तिहरी सुरक्षा |


मेदिनीनगर/पलामू: तीन जिलों में कुल नौ नगर निकायों के लिए हुए चुनाव शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो गए हैं। प्रशासन की ओर से अब 27 तारीख को होने वाली मतगणना को लेकर व्यापक तैयारी की गई है। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मतगणना प्रक्रिया को निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।
स्ट्रांग रूम में टू लेयर सिक्योरिटी
प्रशासन के अनुसार, जिन स्थानों पर ईवीएम मशीनें रखी गई हैं, वहां स्ट्रांग रूम में पहले से ही टू लेयर सुरक्षा व्यवस्था लागू कर दी गई है। सुरक्षा बलों की तैनाती 24 घंटे की निगरानी के साथ की गई है, ताकि किसी भी प्रकार की अवांछित गतिविधि की संभावना न रहे। सीसीटीवी मॉनिटरिंग और नियमित निरीक्षण के माध्यम से पूरे परिसर पर नजर रखी जा रही है।
जानकारी देते पलामू DIG किशोर कौशल
मतगणना दिवस पर थ्री लेयर सुरक्षा
27 तारीख को होने वाली मतगणना के दिन सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सख्त किया जाएगा। प्रशासन ने थ्री लेयर सिक्योरिटी प्लान तैयार किया है। बाहरी घेरा, मध्य घेरा और आंतरिक सुरक्षा घेरा—इन तीन स्तरों पर पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित की जाएगी।केवल अधिकृत व्यक्तियों—जैसे उम्मीदवार, उनके एजेंट और निर्वाचन कर्मियों—को ही काउंटिंग हॉल में प्रवेश की अनुमति होगी। पहचान पत्र की सघन जांच के बाद ही प्रवेश दिया जाएगा।
पार्किंग और भीड़ नियंत्रण की व्यापक व्यवस्था
चूंकि इस बार बड़ी संख्या में वार्ड पार्षद, मेयर और अध्यक्ष पद के उम्मीदवार मैदान में हैं, इसलिए मतगणना केंद्रों पर भीड़ की संभावना को देखते हुए पार्किंग और यातायात प्रबंधन की विशेष व्यवस्था की गई है। प्रत्येक काउंटिंग सेंटर पर अलग-अलग पार्किंग जोन बनाए गए हैं, ताकि अधिकृत लोगों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। ट्रैफिक पुलिस को भी विशेष निर्देश दिए गए हैं कि आवागमन सुचारू रूप से संचालित हो।
मतगणना के बाद भी सतर्क रहेगा प्रशासन
पुलिस प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि केवल मतगणना तक ही नहीं, बल्कि उसके बाद भी कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए विशेष सतर्कता बरती जाएगी। अक्सर जीत और हार के बाद समर्थकों के बीच तनाव या विवाद की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। इस आशंका को देखते हुए सभी थानों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। संवेदनशील इलाकों में गश्ती बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।
आचार संहिता अभी भी लागू
चुनावी आचार संहिता अभी प्रभावी है। ऐसे में किसी भी प्रकार की भड़काऊ गतिविधि, विजय जुलूस में नियमों का उल्लंघन या शांति भंग करने की कोशिश पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नियमों के उल्लंघन पर संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।




