
पलामू जिले के मेदिनीनगर शहर थाना क्षेत्र अंतर्गत बैरिया इलाके में गैस सिलेंडर ब्लास्ट से बड़ा हादसा हो गया। बताया जा रहा है कि एक घर में अवैध रूप से गैस सिलेंडरों का डंप किया गया था, जहां अचानक जोरदार धमाका हो गया। इस हादसे में चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और स्थानीय लोग मौके पर जमा हो गए।
प्राप्त जानकारी के अनुसार पलामू के पांडू में एक गैस एजेंसी संचालित करने वाले व्यक्ति का आवास मेदिनीनगर के बैरिया में है। आरोप है कि इसी घर में बड़ी संख्या में गैस सिलेंडरों को अवैध रूप से स्टोर कर रखा गया था। इसी दौरान किसी कारण से एक सिलेंडर में विस्फोट हो गया, जिसके बाद वहां मौजूद अन्य सिलेंडरों में भी धमाके जैसी स्थिति बन गई। धमाका इतना तेज था कि आसपास के लोग दहशत में आ गए और कई घरों तक धमाके की आवाज सुनाई दी।इस हादसे में पलामू के पांडू थाना क्षेत्र के रहने वाले चार युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों की पहचान धर्मेंद्र सिंह, मुकेश कुमार, विक्रम सिंह और आलोक कुमार के रूप में की गई है। सभी युवक सिलेंडर से जुड़े कार्य के दौरान वहीं मौजूद थे, तभी अचानक यह हादसा हो गया।
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और प्रशासन को इसकी सूचना दी। सूचना मिलते ही शहर थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और राहत कार्य शुरू किया गया। गंभीर रूप से घायल सभी युवकों को तुरंत इलाज के लिए मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेजा गया, जहां उनका इलाज चल रहा है । घटना के बाद इलाके में काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। आसपास के लोगों ने बताया कि धमाका काफी जोरदार था और अचानक धुआं निकलने लगा। कई लोग डर के कारण अपने घरों से बाहर निकल आए। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर समय रहते स्थिति पर काबू नहीं पाया जाता तो बड़ा हादसा हो सकता था।
इधर इस घटना के बाद अवैध रूप से गैस सिलेंडर डंप किए जाने के मामले ने भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि रिहायशी इलाके में इस तरह से गैस सिलेंडरों का भंडारण करना बेहद खतरनाक है और इससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। लोगों ने प्रशासन से इस मामले की गंभीरता से जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।पुलिस ने भी मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार जिस घर में सिलेंडर रखे गए थे, वहां किसी प्रकार की सुरक्षा व्यवस्था नहीं थी। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि आखिर कितने सिलेंडर वहां रखे गए थे और क्या इसके लिए किसी प्रकार की अनुमति ली गई थी या नहीं।बताया जा रहा है कि हाल के दिनों में घरेलू गैस सिलेंडर की मांग बढ़ने के कारण कई जगहों पर इस तरह के अवैध भंडारण की शिकायतें सामने आती रही हैं। ऐसे में यह घटना प्रशासन के लिए भी एक चेतावनी मानी जा रही है कि अगर समय रहते इस तरह की गतिविधियों पर रोक नहीं लगाई गई तो भविष्य में और भी बड़े हादसे हो सकते हैं।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और घायलों का अस्पताल में इलाज जारी है। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है और लोग इस हादसे को लेकर काफी चिंतित हैं।















