DIG ने रिकॉर्ड्स और लंबित मामलों का लिया जायजा, पुलिसकर्मियों को टीमवर्क और साइबर क्राइम जागरूकता पर दिए निर्देश |


मनिका , (लातेहार ): झारखंड के लातेहार जिले के मनिका थाना में आज पलामू रेंज के पुलिस उपमहानिरीक्षक (DIG) किशोर कौशल ने औचक निरीक्षण किया। इस निरीक्षण के दौरान DIG ने थाना के हर पहलू की बारीकी से पड़ताल की और विधि-व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए सख्त दिशा-निर्देश जारी किए। उनका स्पष्ट संदेश था- “लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।
मनिका थाना पहुंचते ही DIG किशोर कौशल ने थाना परिसर का निरीक्षण शुरू किया। उन्होंने अभिलेख कक्ष, मालखाना, हाजत, आगंतुक पंजी और लंबित कांडों की स्थिति का जायजा लिया। विधि-व्यवस्था की समीक्षा करते हुए उन्होंने थाना प्रभारी और पुलिस पदाधिकारियों से विस्तृत जानकारी ली। निरीक्षण में थाना की कार्यप्रणाली में किसी भी कमजोरी को नजरअंदाज नहीं किया गया। DIG ने पाया कि कुछ मामलों में देरी हो रही है, जिस पर तत्काल सुधार के आदेश दिए।

निरीक्षण के दौरान DIG ने जोर देकर कहा कि विधि-व्यवस्था सुदृढ़ करने के लिए सभी पुलिसकर्मी टीमवर्क के साथ काम करें। “बेहतर पुलिसिंग के लिए एकजुटता जरूरी है। कोई भी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी,” उन्होंने कहा। उन्होंने क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए नियमित गश्ती करने, संवेदनशील इलाकों पर विशेष नजर रखने और सूचना तंत्र को मजबूत बनाने के निर्देश दिए। थाना स्तर पर लंबित मामलों का त्वरित निपटारा, फरार अभियुक्तों की शीघ्र गिरफ्तारी, वारंट और कुर्की की समयबद्ध तामील सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
DIG किशोर कौशल ने थाना आने वाले हर मामले में संवेदनशीलता बरतने और त्वरित कार्रवाई करने की नसीहत दी। शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण और पीड़ितों के साथ मानवीय व्यवहार को प्राथमिकता देने पर बल दिया। उन्होंने भ्रामक सूचनाओं और अफवाहों को गंभीरता से लेने, उनका सत्यापन करने और अराजक तत्वों के खिलाफ ठोस कार्रवाई करने का आदेश दिया। साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए जन जागरूकता अभियान चलाने और तकनीकी साक्ष्यों के मजबूत संकलन पर विशेष ध्यान देने को कहा। थाना कर्मियों को अनुशासन, समय पालन और जनता के साथ मित्रवत व्यवहार बनाए रखने की हिदायत दी।
इस निरीक्षण में थाना प्रभारी प्रभात कुमार दास, पुलिस निरीक्षक श्रीमती दुलार चौड़े सहित थाने के सभी पदाधिकारी और कर्मी उपस्थित रहे। थाना प्रभारी ने DIG को आश्वासन दिया कि सभी निर्देशों का कड़ाई से पालन किया जाएगा। यह निरीक्षण न केवल मनिका थाने के लिए बल्कि पूरे लातेहार जिले की पुलिसिंग को मजबूत करने वाला कदम है।
गौरतलब है की लातेहार जिला नक्सल प्रभावित क्षेत्र होने के कारण विधि-व्यवस्था यहां हमेशा चुनौतीपूर्ण रहती है। मनिका थाना ऐसे ही संवेदनशील इलाके में स्थित है, जहां नक्सली गतिविधियां, भूमि विवाद और सांप्रदायिक तनाव आम हैं। DIG का यह निरीक्षण समयानुकूल है, खासकर जब राज्य में अपराध दर को नियंत्रित करने के लिए पुलिस महकमा सक्रिय मोड में है। हाल ही में झारखंड पुलिस ने साइबर क्राइम और फर्जी खबरों के खिलाफ विशेष ड्राइव चलाई है, जिसमें यह निर्देश फिट बैठते हैं।
DIG के निर्देश ग्रामीण पुलिस थानों के लिए एक मॉडल हैं। टीमवर्क, तकनीक का उपयोग और जन-मित्रता पुलिस की छवि सुधारने के कुंजी हैं। साइबर क्राइम जागरूकता आज के डिजिटल युग में अनिवार्य है, जहां फिशिंग, ऑनलाइन फ्रॉड और सोशल मीडिया अफवाहें आम हो गई हैं। लंबित मामलों का जल्द निपटारा न्यायिक प्रक्रिया को तेज करता है और जनता का विश्वास बढ़ाता है।
आंकड़ों पर नजर डाले तो झारखंड पुलिस के आंकड़ों के अनुसार, 2025 में राज्य में 15% मामलों में देरी दर्ज की गई थी। DIG जैसे वरिष्ठ अधिकारी के निरीक्षण से यह आंकड़ा कम होगा। मनिका थाने में पिछले साल 200 से अधिक कांड दर्ज हुए, जिनमें से 70% निपटाए जा चुके हैं। शेष पर अब तेजी आएगी।यह घटना स्थानीय निवासियों के लिए राहत की खबर है। अब उम्मीद है कि मनिका क्षेत्र में अपराध पर अंकुश लगेगा और शांति बनी रहेगी। पुलिस प्रशासन की यह सक्रियता सराहनीय है।




