
पलामू जिले के हरिहरगंज में एक निजी क्लीनिक में इलाज के दौरान महिला की मौत के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है। यह मामला न केवल स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता पर सवाल खड़ा करता है, बल्कि निजी क्लीनिकों की निगरानी व्यवस्था पर भी गंभीर प्रश्नचिह्न लगा देता है। मृतका की पहचान बिहार के औरंगाबाद जिले की निवासी विजयंती देवी के रूप में हुई है, जो दांत निकलवाने के लिए हरिहरगंज स्थित एक निजी डेंटल क्लीनिक में पहुंची थीं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, विजयंती देवी को दांत में लंबे समय से दर्द की शिकायत थी, जिसके इलाज के लिए परिजन उन्हें हरिहरगंज के “जनता डेंटल क्लीनिक” लेकर पहुंचे। यहां मौजूद डॉक्टर अशरफ अली द्वारा उनका दांत निकाला गया। परिजनों का आरोप है कि दांत निकालने के तुरंत बाद ही महिला की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। उन्हें चक्कर आने लगे और कुछ ही देर में उनकी हालत बेहद गंभीर हो गई।
स्थिति बिगड़ते देख परिजन आनन-फानन में उन्हें हरिहरगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) लेकर पहुंचे, लेकिन वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। महिला की मौत की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया और मौके पर भारी भीड़ जुट गई।घटना के बाद परिजनों ने क्लीनिक संचालक और डॉक्टर अशरफ अली पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि बिना उचित जांच और आवश्यक मेडिकल सुविधा के दांत निकालने की प्रक्रिया की गई, जिससे महिला की जान चली गई। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि क्लीनिक में आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए कोई व्यवस्था नहीं थी।
घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन हरकत में आया। बीडीओ, सीओ और सीएचसी प्रभारी की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची और जांच के बाद उक्त क्लीनिक को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया। प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि क्लीनिक के कागजात और लाइसेंस की भी जांच की जा रही है।इधर, घटना के बाद क्लीनिक संचालक डॉक्टर अशरफ अली मौके से फरार हो गए हैं, जिससे मामले को लेकर संदेह और गहरा गया है। पुलिस उनकी तलाश में जुट गई है और आसपास के क्षेत्रों में छापेमारी की जा रही है।
थाना प्रभारी ने बताया कि मृतका के परिजनों द्वारा लिखित आवेदन दिया गया है, जिसमें डॉक्टर और क्लीनिक पर लापरवाही का आरोप लगाया गया है। आवेदन के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है और जांच शुरू कर दी गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का खुलासा हो सकेगा।इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में भी आक्रोश देखने को मिल रहा है। लोगों का कहना है कि क्षेत्र में कई निजी क्लीनिक बिना पर्याप्त सुविधाओं और योग्य डॉक्टरों के संचालित हो रहे हैं, जो मरीजों की जान के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से ऐसे क्लीनिकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
यह घटना एक बार फिर यह सवाल खड़ा करती है कि आखिर कब तक ऐसे निजी क्लीनिक बिना किसी सख्त निगरानी के चलते रहेंगे और आम लोगों की जान जोखिम में डालते रहेंगे। जरूरत है कि प्रशासन इस मामले को उदाहरण बनाकर सख्त कदम उठाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।















