
मेदिनीनगर/पलामू:अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर झारखंड माटी कला बोर्ड कार्यालय में संत मरियम स्कूल के चेयरमैन अविनाश देव के नेतृत्व में पहल ट्रस्ट द्वारा विधवा सम्मान समारोह सह अधिकार जागरूकता संवाद का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में विधवा महिलाओं के सम्मान, उनके अधिकारों के प्रति जागरूकता और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देना था।
कार्यक्रम का शुभारंभ जिला समाज कल्याण पदाधिकारी श्रीमती नीता चौहान, योद्ध सिंह नामधारी महिला कॉलेज की असिस्टेंट प्रोफेसर श्रीमती सुप्रिया सोनालिका, जिला विधिक सेवा प्राधिकार के प्रतिनिधि विनय प्रसाद, अधिवक्ता श्रीमती छाया सिंह, प्रखर वक्ता शालिनी श्रीवास्तव, व्यावसायिक संघ के अध्यक्ष प्रभात अग्रवाल, पहल ट्रस्ट के संरक्षक जटाधारी गुरुजी, अधिवक्ता सत्यदेव सिंह तथा पहल ट्रस्ट के अध्यक्ष अविनाश देव सहित अन्य अतिथियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं की सहभागिता देखने को मिली। इस अवसर पर अतिथियों ने समाज में विधवा महिलाओं के सम्मान, उनके अधिकार, आत्मनिर्भरता तथा सामाजिक दृष्टिकोण में सकारात्मक बदलाव लाने की आवश्यकता पर विस्तार से चर्चा की। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित विधवा महिलाओं पर पुष्प वर्षा कर उनका सम्मान किया गया तथा उपहार स्वरूप उन्हें साड़ी और स्टॉल भेंट कर उनके सम्मान और गरिमा को रेखांकित किया गया।
मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित करते हुए जिला समाज कल्याण पदाधिकारी नीता चौहान ने कहा कि किसी भी समाज और राष्ट्र के विकास में महिलाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। आज पूरी दुनिया नारी शक्ति की क्षमता और नेतृत्व को देख रही है। उन्होंने कहा कि समय तेजी से बदल रहा है और महिलाएं अब हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा और परिश्रम से नई पहचान बना रही हैं।

उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं, जिनका उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक, सामाजिक और शैक्षणिक रूप से मजबूत बनाना है। विशेष रूप से विधवा महिलाओं के लिए भी कई योजनाएं चल रही हैं, जिनका लाभ उठाकर वे आत्मनिर्भर बन सकती हैं। उन्होंने कहा कि समाज का दायित्व है कि वह विधवा महिलाओं के प्रति सहानुभूति के साथ सम्मान और सहयोग का भाव रखे, ताकि वे आत्मविश्वास के साथ जीवन में आगे बढ़ सकें।
इस अवसर पर उपस्थित अन्य वक्ताओं ने भी कहा कि महिलाओं को समानता का अधिकार संविधान ने दिया है और हर महिला को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होना चाहिए। कई बार विधवा महिलाओं को समाज में अलग नजरिये से देखा जाता है, जो दुर्भाग्यपूर्ण है और इस सोच को बदलना समय की मांग है। वक्ताओं ने कहा कि जब महिलाएं शिक्षित और आत्मनिर्भर बनेंगी, तभी वे अपने अधिकारों की रक्षा कर पाएंगी और समाज में सम्मान के साथ जीवन जी सकेंगी।
उन्होंने कहा कि आज की महिला केवल परिवार तक सीमित नहीं है, बल्कि शिक्षा, प्रशासन, व्यापार, राजनीति और सामाजिक सेवा सहित हर क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। ऐसे कार्यक्रम समाज में सकारात्मक सोच और जागरूकता फैलाने का कार्य करते हैं। वक्ताओं ने कहा कि विधवा महिलाओं को समाज में सम्मान और सहयोग मिलना चाहिए, ताकि वे अपने जीवन को नए आत्मविश्वास और स्वाभिमान के साथ आगे बढ़ा सकें।
कार्यक्रम का संचालन अधिवक्ता ओंकार नाथ तिवारी ने किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में पहल ट्रस्ट के सदस्य शोभा प्रजापति, भुनेश प्रजापति, राजू प्रजापति, प्रदीप प्रजापति और बाबू प्रजापति सहित ट्रस्ट के सभी सदस्यों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।















